
मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग के द्वारा दसवीं कक्षा के छात्रों के लिए तैयार की गई मॉडल बुक में गांधी जी को कुबुद्धि बताया गया है इस मॉडल बुक का इस्तेमाल पिछले कई महीनों से होता चला आया है पिछले कई दिनों से बच्चे इसकी पढ़ाई कर रहे हैंस्कूल शिक्षा विभाग के द्वारा यह मॉडल ऐसे छात्रों के लिए तैयार किया जाता है जो कि पढ़ने में कमजोर होते हैं मध्य प्रदेश के शिक्षा विभाग के द्वारा दसवीं कक्षा के छात्रों के लिए तैयार की गई बुक में एक गलती प्रिंटिंग के दौरान हो गई है जिसमें टेस्ट पेपर 3 के पेज नंबर 46 पर गांधी जी को कुबुद्धि बताया गया है इस मॉड्यूलर का इस्तेमाल पिछले कई महीनों से छात्र पढ़ाई के दौरान इस्तेमाल कर रहे हैं मध्य प्रदेश के राज्य शिक्षा विभाग ने यह मॉड्यूलर ऐसे छात्रों के लिए तैयार किया था जो कि पढ़ाई के दौरान कमजोर होते हैं तथा इससे राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में निशुल्क उपलब्ध किया जाता है हल्की एक शिक्षिका नीलम वसानिया ने इसे प्रिंटिंग की गलती होना बताया है उन्होंने यह भी बताया कि टीचर स्टूडेंट को पढ़ाते समय इसे सही शब्द का इस्तेमाल करते हैं इसे वह नहीं पढ़ाते हैं मध्य प्रदेश राज्य शिक्षा विभाग ने यह मॉडल ऐसे छात्रों के लिए तैयार किया है जो कि पढ़ने में कुछ कमजोर माने जाते हैं इस प्रकार के छात्रों को राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में इसकाइस्तेमाल किया जाता है तथा यह किताबें उन्हीं बच्चों को इस्तेमाल कराई जाती हैं
मॉड्यूलर की जिस लाइन पर विवाद है उसका अर्थ यह है कुबूदी बेहद अब और शराबी था और गांधी जी जैसा जीवन जीता था नीलम ने यह ए एन आई से बताया कि यह प्रिंटिंग में छपाई के दौरान गलती हो गई है तथा जहां गांधी जी लिखा है वहां जुआ लिखा होना चाहिए था यह प्रिंटिंग की गलती है मॉडलर तैयार करने वाला कोई एक्सपर्ट ऐसी गलती नहीं कर सकता है उन्होंने बताया कि जब हम बच्चों को पढ़ाते हैं तब हम इसे इस गलती को सुधार लेते हैं
