
नागरिकता संशोधन बिल आज लोकसभा में मोदी सरकार ने पास करवा लिया है और कल इसे राज्यसभा में भेजा जाना है जहां से इसे पास होना है भाजपा की सहयोगी रही शिवसेना नागरिकता संशोधन बिल पर बीजेपी के साथ खड़ी नजर नहीं आ रही है महाराष्ट्र में सरकार बनने में गतिरोध उत्पन्न होने के कारण शिवसेना को बीजेपी का साथ मिला था जिसके कारण भा जा पा से शिवसेना ने दूरियां बना ली है इसी कारण भाजपा और शिवसेना की दूरियों का फायदा उठाते हुए कांग्रेस ने अपना समर्थन देकर महाराष्ट्र में शिवसेना की सरकार बनवा दी थी इस कारण अब कांग्रेश अपनी कीमत वसूलना चाहती है कांग्रेस ने राज्यसभा में शिवसेना के सामने प्रेशर बनाना शुरू कर दिया है इस कारण से शिवसेना भी कांग्रेस के आगे नतमस्तक नजर आ रही है वहीं शिवसेना जो कि अपना हिंदूवादी एजेंडे को लेकर आज महाराष्ट्र में इतनी बड़ी पार्टी हो पाई है जो कि सरकार में सम्मिलित है वह इस कारण है केवल कि उसका हिंदूवादी एजेंडा मानने वाली पार्टी है आज भाई हिंदुत्व के विरोध में खड़ी नजर आ रही है इस कारण कांग्रेश को कुछ करे बगैर ही शिवसेना को अपने एजेंडे में मिलाने का काम स्वता ही हो गया है शिवसेना की मजबूरी है कांग्रेश के आगे अपना समर्पण करना वह शिवसेना जो कांग्रेसका धुर विरोधी पार्टी मानी जाती है आज वहीं शिवसेना कांग्रेस की कठपुतली बनी नजर आ रही है इसी कारण कांग्रेसमें फिर सेना पर दबाव बनाया कि वह राज्यसभा में बीजेपी का साथ ना दे और कांग्रेस के साथ इस बिल के विरोध में साथ खड़ी रहे शिवसेना ने भी कांग्रेश की इच्छा को रजामंदी दे दी और अभी तक के मिली खबरों के अनुसार शिवसेना नागरिकता संशोधन बिल का विरोध करने के लिए राज्यसभा में तैयार है
