
आयकर विभाग ने टैक्सपेयर्स को निशाना बनाकर किए जा रहे फ्रॉड के बारे में चेतावनी जारी की है। विभाग ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर दो फोटो शेयर की हैं। इंनमें आईटीआर दाखिल करने वालों के साथ-साथ कर दाखिल करने से चूक गए लोगों को भी अलर्ट किया गया है। इनमें कहा गया है कि टैक्सपेयर्स ऐसे फर्जी कॉल और पॉप-अप मेसेज से सावधान रहें, जिनमें दावा किया जाता है कि उन्हें इनकम टैक्स विभाग ने फ्रॉड वाले मेसेज के लिए भी इसी तरह की चेतावनी जारी की है। लोगों के पास आ रहे मेसेज में लिखा होता है कि उनके आईटीआर स्वीकृत हो गए हैं और वे 15000 रुपए के रिफंड के पात्र हैं। मैसेज में बैंक अकाउंट को सत्यापित्त करने के लिए एक लिंक भी होता है, लेकिन यह पूरी तरह फ्रॉड है। दूसरे फोटो पर लिखा है-नकली पॉप-अप के झांसे में न आएं। आयकर विभाग कभी भी पॉप- अप विंडो के।विभाग ने कहा कोई भी जानकारी न दें कहा है कि ऐसे किसी भी मेसेज का जवाब न दें और इनकम टैक्स विभाग से ज ही किसी लिंक पर क्लिक करें। बैंक अकाउंट की जानकारी केडिट कार्ड की जानकारी या कोई अन्य संवेदनशील डेटा मांगने वाले लिंक पर क्लिक न करें या ईमेल का जवाब न दें। हू-ब-हू आयकर विभाग की नकल कर भेजी जा रही आयकर विभाग द्वारा कभी भी वापसी अथवा मांग राशि के लिए कोई लिंक अथवा एसएमएस नहीं भेजा जाता है। विभाग द्वारा हमेशा पोर्टल पर अथवा ई-मेल पर सिर्फ सुधला भेजी जाती है। इस प्रकार की लिंक को कमी नहीं खोलना चाहिए। ये सूचना हू-ब-हू आयकर विभाग की नकल कर गेजी जा रही है। इससे सतर्क रहे सावधानी बरते एवं फ्रॉड से बचे।किसी भी लिंक पर उत्तर देने की आवश्यकता नहीं लोगों को रख्यं ही सतर्कता बरतने की जरूसा है। ऐसा कोई नोटिस प्राप्त होने पर इनकम टैक्स के पोर्टल पर लॉगिन कर अपना खाता चेक करें। वहां पर कोई नोटिस या जानकारी मांगी जा रही है तो उसका वहीं पर ही जवाब है। किसी भी लिंक पर उतर देने की आशावा नहीं है। आयकर विभाग कभी ऐसा लिंक नहीं मेजता हमारे यहां पड़े लिखे लोग भी आयकर रिफंड प्राप्त होने के झांसे में आ जाते हैं और अपना बुकसान करवा बैठते हैं।










