भोपाल मेट्रो ने पकड़ी रफ्तार: सितंबर से शुरू हो सकता है सफर का नया अध्याय

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भोपाल।  राजधानी भोपाल में मेट्रो रेल का सपना अब साकार होने के बेहद करीब है। वर्षों की प्रतीक्षा और निर्माण कार्य के बाद शहरवासियों को जल्द ही आधुनिक, तेज और सुविधाजनक परिवहन प्रणाली मिलने जा रही है। भोपाल मेट्रो का पहला चरण अब अंतिम दौर में पहुंच चुका है, और संभावना है कि अगस्त-सितंबर तक इसका कमर्शियल संचालन शुरू हो जाएगा।

पहला फेज लगभग तैयार: सुभाष नगर से एम्स तक 7 किमी रूट

भोपाल मेट्रो परियोजना के पहले चरण में कुल 7 किलोमीटर का एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया गया है, जो सुभाष नगर से एम्स तक फैला हुआ है। इस रूट पर कुल आठ स्टेशन बनाए गए हैं। सभी स्टेशनों पर तेज़ी से फिनिशिंग का कार्य चल रहा है। फॉल सीलिंग, लाइटिंग, टाइल्स, एस्केलेटर, लिफ्ट और स्टेशन सौंदर्यीकरण का काम लगभग पूर्ण हो चुका है।विशेष रूप से रानी कमलापति रेलवे स्टेशन (आरकेएमपी) को मेट्रो स्टेशन से जोड़ने के लिए 700 मीटर लंबा स्काईवॉक भी बनाया जा रहा है, जिससे यात्रियों को दोनों स्थानों के बीच सुगम आवाजाही मिल सकेगी।

90 किमी/घंटा की रफ्तार से ट्रायल रन, RDSO करेगी निगरानी

मेट्रो ट्रेनों का ट्रायल रन 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से किया जाएगा। इस ट्रायल की निगरानी भारतीय रेलवे के रिसर्च डिज़ाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइज़ेशन (RDSO) द्वारा की जाएगी। RDSO ट्रेन की ब्रेकिंग क्षमता, स्थिरता, तकनीकी मजबूती और सुरक्षा मानकों का परीक्षण करेगा। संस्था की टीम इसी माह भोपाल पहुंच सकती है। इसके बाद रेलवे सेफ्टी कमिश्नर द्वारा पूरे सिस्टम—ट्रैक, सिग्नलिंग, सिविल वर्क और यात्री सुविधाओं—की व्यापक सुरक्षा जांच की जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया के सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद राज्य सरकार कमर्शियल संचालन की तारीख घोषित करेगी

तीन कोच की ट्रेन, एक साथ 900 यात्री होंगे सफर में सक्षम

भोपाल मेट्रो के लिए अब तक कुल सात ट्रेनें भोपाल पहुंच चुकी हैं। योजना के तहत कुल 27 मेट्रो ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। प्रत्येक ट्रेन में तीन कोच होंगे, जिनमें 900 यात्री सफर कर सकेंगे। इनमें से लगभग 150 यात्रियों के लिए बैठने की व्यवस्था होगी। ट्रेनों को दिव्यांगजनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है, जिसमें व्हीलचेयर स्पेस, ब्रेल संकेत और लो-हाइट बटन जैसी सुविधाएं होंगी।

एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं, QR कोड आधारित टिकटिंग

भोपाल मेट्रो में अत्याधुनिक टिकटिंग व्यवस्था लागू की जा रही है। यात्री QR कोड आधारित टिकटिंग सिस्टम के माध्यम से मेट्रो स्टेशन में प्रवेश कर सकेंगे। स्टेशनों पर ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन (AFC) गेट लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा स्टेशन परिसर में एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं—जैसे शुद्ध पेयजल, स्वच्छ शौचालय, वाई-फाई, शेल्टर, सुरक्षा, सीसीटीवी निगरानी और दिव्यांग-अनुकूल व्यवस्थाएं—उपलब्ध कराई जाएंगी।

सुरक्षा व्यवस्था होगी चाक-चौबंद

भोपाल मेट्रो की सुरक्षा के लिए रिटायर्ड फौजियों और निजी सुरक्षा एजेंसियों की सेवाएं ली जाएंगी। हर स्टेशन पर सुरक्षा गार्ड के अलावा आधुनिक निगरानी उपकरण लगाए जाएंगे। परीक्षण व सुरक्षा स्वीकृति के बाद यह सेवा सितंबर से आम जनता के लिए शुरू हो सकती है। भोपाल मेट्रो न सिर्फ राजधानी के यातायात को राहत देगी, बल्कि पर्यावरण और शहरी जीवन शैली में भी बड़ा बदलाव लेकर आएगी।

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