वडोदरा का दर्द:पलभर में टूटा पुल, 13 जिंदगियों का अंत महिसागर में समाई चीखें

0
287
WAY NEWS
WAY NEWS

वडोदरा, गुजरात| गुजरात के वडोदरा जिले के पादरा क्षेत्र में मंगलवार को एक बड़ा हादसा हो गया, जब महिसागर नदी पर बना 45 साल पुराना गंभीरा पुल अचानक टूटकर नदी में समा गया। यह पुल वडोदरा और आंणद जिलों को जोड़ता है। घटना के वक्त पुल पर कई वाहन और लोग मौजूद थे। हादसे में अब तक 13 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि राहत और बचाव कार्य 24 घंटे बाद भी जारी है।

हादसे का मंजर: चार वाहन नदी में गिरे

मंगलवार सुबह अचानक पुल का एक हिस्सा ढह गया, जिससे दो ट्रक, एक बोलेरो और एक जीप समेत चार वाहन सीधे नदी में गिर गए। पुल की लंबाई करीब 900 मीटर है और इसमें 23 खंभे हैं। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी।

रेस्क्यू ऑपरेशन: SDRF और NDRF की टीमें जुटीं

गुजरात स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (SDRF) और नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (NDRF) की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं। गोताखोरों की मदद से नदी में फंसे शवों को खोजने का कार्य जारी है। अब तक 13 शव बरामद किए जा चुके हैं NDRF की छठी बटालियन के कमांडेंट सुरेंद्र सिंह ने बताया कि घटनास्थल पर एक अतिरिक्त टीम और उप-टीम को भी तैनात किया गया है ताकि राहत कार्यों को तेज़ी से अंजाम दिया जा सके।

बुधवार सुबह वडोदरा के कलेक्टर अनिल धमेलिया ने घटनास्थल का दौरा किया और राहत-बचाव कार्यों की निगरानी की। स्थानीय प्रशासन बोट और भारी मशीनों की सहायता से मलबा हटाने और नदी में गिरे वाहनों को निकालने में जुटा हुआ है

प्रधानमंत्री और राज्य सरकार की प्रतिक्रिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए ट्वीट कर कहा,

“गुजरात के वडोदरा जिले में पुल ढहने की घटना से अत्यंत दुःखी हूं। जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी संवेदनाएं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।”

प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50,000 की सहायता राशि देने की घोषणा की है। गुजरात के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ऋषिकेश पटेल ने कहा कि हादसे के वास्तविक कारणों की गहन जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि यह पुल 1985 में बनाया गया था और इसका समय-समय पर रखरखाव किया जाता रहा है।

पुल की मरम्मत और भविष्य की योजना

सूत्रों के अनुसार, गंभीरा पुल की मरम्मत पिछले वर्ष ही करवाई गई थी। लेकिन पुल पर लगातार बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए सरकार ने तीन महीने पहले ₹212 करोड़ की लागत से एक नए पुल को मंजूरी दी थी। इस नए पुल के लिए डिजाइन और टेंडरिंग की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई थी। फिलहाल तस्वीरों में यह देखा गया है कि दो खंभों के बीच पुल का पूरा स्लैब गायब है, जिससे अंदेशा है कि संरचनात्मक कमजोरी हादसे की वजह हो सकती है। हालांकि, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

Publishers Advertisement