एम्बुलेंस की आड़ में नशे का कारोबार: रतलाम में 100 ग्राम एमडीएमए के साथ दो तस्कर गिरफ्तार

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रतलाम:
मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां ड्रग तस्करों ने पुलिस से बचने के लिए 108 सरकारी एंबुलेंस का इस्तेमाल किया। रिंगनोद थाना पुलिस ने रविवार देर रात कार्रवाई करते हुए 100 ग्राम खतरनाक सिंथेटिक ड्रग एमडीएमए (MDMA) के साथ दो आरोपियों को धर दबोचा। पकड़े गए आरोपी मंदसौर जिले के रहने वाले हैं और नशीली दवाओं की तस्करी के लिए एंबुलेंस का इस्तेमाल कर रहे थे, ताकि कानून से बचा जा सके।

पुलिस अधीक्षक अमित कुमार और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश खाखा के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत रिंगनोद पुलिस को खुफिया सूचना मिली थी कि एंबुलेंस के जरिए मादक पदार्थ की तस्करी की जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस ने माता मेलकी फंटा के पास पुराने यात्री प्रतीक्षालय के समीप नाकाबंदी की। कुछ देर बाद 108 एंबुलेंस (नंबर CG-04-NS-7433) वहां पहुंची। पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया, लेकिन वाहन चालक ने भागने की कोशिश की। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एंबुलेंस को घेर लिया और मौके पर ही दोनों संदिग्धों को हिरासत में ले लिया।

तलाशी के दौरान एंबुलेंस से एक पारदर्शी प्लास्टिक थैली में 100 ग्राम एमडीएमए, ₹1250 नगद और दो मोबाइल फोन बरामद हुए। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान ललित पाटीदार (30 वर्ष), निवासी अंबिका नगर दलोदा, जिला मंदसौर और सुभाष बैरागी (39 वर्ष), निवासी ग्राम कोटड़ा बहादुर, थाना नाहरगढ़, जिला मंदसौर के रूप में हुई है।

पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/22 के तहत मामला दर्ज कर लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। फिलहाल यह पता नहीं चल सका है कि यह ड्रग कहां से लाई गई थी और इसका अगला ठिकाना कौन था।

यह मामला इस बात की ओर इशारा करता है कि अब तस्कर कानून से बचने के लिए चिकित्सा सेवाओं और इमरजेंसी वाहनों का दुरुपयोग कर रहे हैं। यह पहला मामला नहीं है जब एंबुलेंस का उपयोग नशे की खेप पहुंचाने के लिए किया गया हो। इससे पहले करीब 9 महीने पहले, रतलाम-नीमच हाईवे पर सेजवता फंटा के पास भी एक एंबुलेंस (MH-06-BW-5365) से 8.39 क्विंटल डोडाचूरा जब्त किया गया था, जिसमें महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के दो आरोपी गिरफ्तार हुए थे।

इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि ड्रग माफिया अब किस हद तक जाकर कानून को चकमा देने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस ने तस्करी के इस नए तरीके को गंभीरता से लिया है और अब एंबुलेंस जैसे वाहनों की भी नियमित जांच का मन बना रही है।

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