गाजियाबाद से गिरफ्तार हुआ 18 लाख की साइबर ठगी करने वाला अफजल, खुद को बता रहा था होमलोन सब्सिडी एजेंट

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सीहोर| सीहोर जिले के बिलकिसगंज क्षेत्र में एक व्यक्ति से होमलोन सब्सिडी दिलाने के नाम पर की गई करीब 18 लाख रुपए की साइबर ठगी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी अफजल (32), निवासी यमुना विहार, थाना भजनपुरा, दिल्ली को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से गिरफ्तार कर लिया है।

1 जून को दर्ज हुई थी एफआईआर

इस साइबर ठगी की शुरुआत फरवरी में हुई थी, जिसकी शिकायत ओमप्रकाश नामक व्यक्तिने 1 जून को बिलकिसगंज थाने में दर्ज करवाई थी। पीड़ित ओमप्रकाश ने बताया कि उसे एक अज्ञात नंबर से कॉल आया, जिसमें कॉलर ने खुद को दिल्ली से होमलोन सब्सिडी एजेंट बताते हुए कहा कि सरकार की ओर से उसे 2,67,119 की सब्सिडी मिलनी है, लेकिन इसके लिए उसे पहले एक्सिस बैंक में खाता खुलवाना होगा।

ऐसे फंसाया जाल में

कॉलर के झांसे में आकर ओमप्रकाश ने अपने आधार कार्ड, पैन कार्ड और एसबीआई पासबुक की फोटो व्हाट्सएप के माध्यम से भेज दी। इसके बाद ठग ने ओमप्रकाश को एक एचडीएफसी बैंक से लोन लेने के लिए प्रेरित किया। ओमप्रकाश ने 31 मार्च को 18 लाख का लोन लिया, जो सीधे उसके एसबीआई खाते में जमा हुआ।

ठग ने उसे निर्देश दिया कि यह राशि सब्सिडी प्रोसेस के लिए एक्सिस बैंक के बताए गए खाते में भेजनी होगी। इसी झांसे में आकर ओमप्रकाश ने 2 अप्रैल, 24 अप्रैल और 2 मई को अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से कुल ₹17,97,449.55 रुपये आरोपी के खाते में ट्रांसफर कर दिए।

साइबर सेल की जांच में खुला राज

शिकायत के बाद उपनिरीक्षक सलीम खान के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई, जिसने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पाया कि यह ठगी गाजियाबाद से अंजाम दी गई थी। टीम को दिल्ली और गाजियाबाद भेजा गया, जहां से अफजल को पकड़ा गया।

गिरफ्तारी के समय मिला डिजिटल सबूत

अफजल की गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने उसके पास से:

  • 9 मोबाइल फोन

  • 10 सिम कार्ड

  • 13 एटीएम कार्ड

  • 1 लैपटॉप बरामद किया।

पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। उसे न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया गया है, जिससे उम्मीद की जा रही है कि इससे अन्य पीड़ितों और नेटवर्क के बारे में भी अहम जानकारी सामने आ सकती है।

पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की सरकारी योजना या सब्सिडी के नाम पर आने वाले कॉल या संदेशों पर भरोसा न करें, और किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपने बैंकिंग या व्यक्तिगत दस्तावेज शेयर न करें।

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