
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है। वह आज स्वतंत्र भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार प्रधानमंत्री रहने वाले दूसरे नेता बन गए हैं। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का रिकॉर्ड तोड़ते हुए शुक्रवार को अपने कार्यकाल के 4,078 दिन पूरे कर लिए। इंदिरा गांधी ने लगातार 4,077 दिन देश का नेतृत्व किया था।
प्रधानमंत्री मोदी का यह कार्यकाल 26 मई 2014 को शुरू हुआ था और 25 जुलाई 2025 को उन्होंने इस ऐतिहासिक उपलब्धि को छू लिया। इस सूची में सबसे ऊपर अब भी देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू हैं, जिन्होंने लगातार 16 वर्ष 286 दिन (लगभग 6,130 दिन) तक प्रधानमंत्री पद संभाला था।
24 साल का नेतृत्व: राज्य से केंद्र तक लगातार विजय यात्रा
नरेंद्र मोदी सिर्फ केंद्र में ही नहीं, बल्कि राज्य स्तर पर भी सबसे लंबे समय तक सरकार का नेतृत्व करने वाले नेताओं में शुमार हो चुके हैं। वह 2001 से 2014 तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे और फिर 2014 से प्रधानमंत्री के तौर पर देश का नेतृत्व कर रहे हैं। इस तरह उन्होंने अब तक कुल 24 वर्षों तक निर्वाचित सरकार का नेतृत्व किया है — जो भारतीय राजनीति में एक बड़ी मिसाल है।
स्वतंत्र भारत में जन्मे पहले प्रधानमंत्री
मोदी देश के पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिनका जन्म आज़ादी के बाद हुआ। उनका जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात में हुआ था। इसके साथ ही वह सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री पद पर बने रहने वाले पहले गैर-कांग्रेसी नेता भी हैं।
गैर-कांग्रेसी दल से दो पूर्ण कार्यकाल पाने वाले इकलौते प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री मोदी भारत के एकमात्र गैर-कांग्रेसी नेता हैं, जिन्होंने लगातार दो बार पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाई है — 2014 और 2019 में। इतना ही नहीं, वह इंदिरा गांधी (1971) के बाद ऐसे पहले प्रधानमंत्री बने हैं जिन्हें दो बार पूर्ण बहुमत मिला है।
तीन आम चुनावों में लगातार जीत दर्ज करने वाले दूसरे पीएम
पंडित नेहरू के बाद नरेंद्र मोदी ही ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने लगातार तीन लोकसभा चुनावों — 2014, 2019 और 2024 — में पार्टी का नेतृत्व करते हुए जीत दर्ज की है। इसके साथ ही उन्होंने गुजरात में 2002, 2007 और 2012 के विधानसभा चुनाव भी जीते थे, जिससे वह लगातार छह प्रमुख चुनावों में जीत दर्ज करने वाले अकेले राष्ट्रीय नेता बन गए हैं।
राजनीतिक दृढ़ता और जनविश्वास का प्रतीक
प्रधानमंत्री मोदी का यह रिकॉर्ड न केवल उनके लंबे कार्यकाल को दर्शाता है, बल्कि यह भारतीय जनता पार्टी और उनकी नीतियों में देश की जनता के विश्वास को भी प्रमाणित करता है। चाहे केंद्र की योजनाएं हों या अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की पहचान — मोदी का नेतृत्व निर्णायक और प्रभावी साबित हुआ है
एक समय की चाय बेचने वाले नरेंद्र मोदी का यह सफर आजादी के बाद के भारत के इतिहास में एक प्रेरणास्पद कहानी बन चुका है। अब जबकि वे इस मुकाम पर हैं, देश और दुनिया की निगाहें उनके भविष्य के निर्णयों और 2029 तक के संभावित कार्यकाल पर टिक गई हैं।










