
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक हैरान करने वाला साइबर ठगी का मामला सामने आया है। 73 वर्षीय महिला दुकानदार से 56 लाख रुपए की ठगी करने वाले गिरोह का साइबर क्राइम सेल ने खुलासा किया है। पुलिस ने इस डिजिटल ठग गिरोह के तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनके पास से बड़ी मात्रा में फर्जी दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं।
ऐसे दी डिजिटल अरेस्ट की साजिश को अंजाम
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अनुराग तिवारी, प्रखर प्रताप सिंह और अनुपम सिंह के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने खुद को जांच एजेंसियों से जुड़ा अधिकारी बताकर 73 वर्षीय रीता भसीन को डराया और उन्हें बताया कि उनके खिलाफ सीबीआई में एफआईआर दर्ज की गई है। इसके साथ ही यह धमकी भी दी गई कि अगर उन्होंने जांच में सहयोग नहीं किया तो उनकी संपत्ति जब्त कर ली जाएगी और 99% हिस्सा सुप्रीम कोर्ट के खाते में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।
इस डिजिटल ‘अरेस्ट’ के बहाने रीता भसीन से लगातार संपर्क में रहकर उन्होंने उन्हें 22 दिन तक मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और उनकी बैंक डिटेल्स लेकर अलग-अलग खातों में कुल 56 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए।
सबूतों के साथ दबोचे गए आरोपी
साइबर पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के बाद मामले को गंभीरता से लिया और 18 जुलाई को रिपोर्ट दर्ज होते ही तकनीकी सर्विलांस की मदद से जांच शुरू की। आरोपियों की गतिविधियों को ट्रैक कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने इनके पास से:
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2 मोबाइल फोन
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14 डेबिट कार्ड
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7 चेकबुक
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फर्जी दस्तावेज और बैंक खातों की डिटेल
बरामद की हैं। इतना ही नहीं, पुलिस ने गिरोह के पांच बैंक खातों में जमा 10.50 लाख रुपए की राशि को फ्रीज भी कर दिया है।
पुलिस बोले – हो सकती हैं और गिरफ्तारियां
साइबर क्राइम सेल के अधिकारियों का कहना है कि यह गिरोह एक संगठित नेटवर्क की तरह काम कर रहा था और अन्य राज्यों में भी इसी तरह की वारदातों को अंजाम दिया जा चुका है। पूछताछ में कई और नाम सामने आए हैं, जिन पर जल्द कार्रवाई हो सकती है।
वरिष्ठ नागरिकों को बना रहे हैं आसान शिकार
पुलिस के अनुसार, ऐसे साइबर गिरोह वरिष्ठ नागरिकों को विशेष रूप से निशाना बनाते हैं क्योंकि उन्हें डिजिटल और साइबर प्रक्रियाओं की जानकारी कम होती है। अधिकारी लोगों से अपील कर रहे हैं कि वे अनजान कॉल्स और धमकी भरे मैसेज से सतर्क रहें और किसी भी परिस्थिति में अपने बैंक डिटेल्स साझा न करें।
सावधानी ही बचाव है – पुलिस की अपील
साइबर क्राइम विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी कथित अधिकारी की धमकी में न आएं और यदि इस प्रकार की कोई कॉल आए तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी थाने से संपर्क करें।










