
नई दिल्ली| संसद के मानसून सत्र में सोमवार को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर विपक्ष और सरकार के बीच तीखी बहस देखने को मिली। विपक्ष ने जहां सरकार की रणनीति पर सवाल उठाए, वहीं सरकार ने विपक्ष के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए जवाबी हमला बोला। आज मंगलवार को इस मुद्दे पर बहस और भी तेज होने की संभावना है, जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दोपहर 12 बजे लोकसभा को संबोधित करेंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शाम को समापन भाषण देंगे।
ओवैसी ने उठाया पाकिस्तान से क्रिकेट खेलने का मुद्दा
एमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार को पाकिस्तान से क्रिकेट खेलने के फैसले को लेकर आड़े हाथों लिया। उन्होंने तीखा सवाल पूछा, “जब हम पाकिस्तान को 80 प्रतिशत पानी यह कहकर रोक रहे हैं कि खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते, तो फिर क्रिकेट कैसे खेल सकते हैं?” ओवैसी ने कहा कि वह उस मैच को देखना भी पसंद नहीं करेंगे और पूछा कि क्या सरकार में इतनी हिम्मत है कि वह ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए 25 जवानों के परिजनों को कॉल कर कहे कि ‘अब आप चैन से पाकिस्तान का मैच देख सकते हैं’?
विदेश मंत्री जयशंकर ने सीजफायर पर दी सफाई
सीजफायर को लेकर विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों पर विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने स्पष्ट किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम की बातचीत डीजीएमओ (डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस) स्तर पर हुई थी। उन्होंने अमेरिका या पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के किसी भी दबाव से साफ इनकार किया और कहा, “भारत की विदेश नीति स्वतंत्र है और हम किसी के दबाव में नहीं आते।”
आज होगा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चर्चा का निर्णायक दिन
आज लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बहस निर्णायक मोड़ पर पहुंच सकती है। दोपहर में अमित शाह इस पर विस्तृत जानकारी देंगे और जवाब देंगे कि यह ऑपरेशन क्यों और कैसे अंजाम दिया गया। प्रधानमंत्री मोदी शाम को समापन भाषण देंगे, जिसमें वे विपक्ष के हर आरोप का सिलसिलेवार जवाब देने की तैयारी में हैं।
राजनीतिक तापमान चरम पर
जहां एक ओर विपक्ष सरकार से इस ऑपरेशन की रणनीति, परिणाम और उससे जुड़े फैसलों पर पारदर्शिता की मांग कर रहा है, वहीं सरकार इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा जरूरी कदम बताते हुए एक बड़ी कूटनीतिक और सैन्य सफलता करार दे रही है।
नज़रें अब आज के घटनाक्रम पर
आज लोकसभा में प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के बयानों पर सभी की नज़रें टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार विपक्ष के सवालों का किस तरह से जवाब देती है और क्या इस बहस के बाद ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी कोई नई जानकारी सामने आती है।










