वसंत कुंज कांड का आरोपी स्वामी चैतन्यानंद आगरा से गिरफ्तार, तीन खरब की संपत्ति हड़पने की थी साज़िश

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दिल्ली/आगरा। वसंत कुंज स्थित आश्रम की 17 छात्राओं से छेड़छाड़ और यौन शोषण के आरोप में फरार चल रहे पाखंडी बाबा स्वामी चैतन्यानंद उर्फ पार्थसारथी को दिल्ली पुलिस ने आखिरकार दबोच लिया। सूत्रों के मुताबिक, चैतन्यानंद आगरा के ताजगंज इलाके के एक होटल में छुपा हुआ था, जहां से उसे बीती रात करीब 3.30 बजे गिरफ्तार किया गया। पुलिस टीम आरोपी को दिल्ली लेकर आ चुकी है और अब उससे गहन पूछताछ की जा रही है।

होटल में छुपा बैठा था बाबा

पुलिस को शुरू से ही बाबा की लोकेशन आगरा में मिल रही थी। आखिरकार ताजगंज स्थित होटल फर्स्ट में दबिश देकर उसे हिरासत में लिया गया। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी के बाद आरोपी को कड़ी सुरक्षा में दिल्ली लाया गया और अब उसके खिलाफ दर्ज मामलों की जांच तेज़ कर दी गई है।

तीन अलग-अलग FIR दर्ज

आरोपी बाबा के खिलाफ अब तक तीन बड़ी प्राथमिकियां दर्ज हो चुकी हैं।

  1. धोखाधड़ी और जालसाजी का केस – वसंतकुंज (नार्थ) थाने में आश्रम प्रशासन की शिकायत पर दर्ज, जिसमें किराये की आय छिपाने, फर्जी कागजात बनाने और संपत्ति हड़पने की कोशिश जैसे आरोप शामिल हैं।

  2. छात्राओं से छेड़छाड़ और यौन शोषण – 17 छात्राओं ने आरोपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

  3. लग्जरी कारों पर फर्जी नंबर प्लेट लगाने का मामला।

संपत्ति पर कब्ज़े की साज़िश

पीठ की शिकायत के अनुसार, स्वामी चैतन्यानंद आश्रम की करीब तीन खरब रुपये से अधिक मूल्य की संपत्ति पर कब्जा जमाना चाहता था। इसके लिए उसने पीठ का भरोसा तोड़ा और संस्थान का नाम बदलकर “श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट रिसर्च फाउंडेशन ट्रस्ट” कर दिया।

दर्ज शिकायत में यह भी कहा गया है कि आश्रम की कई इमारतें कंपनियों को किराये पर दी गई थीं, जिनसे हर महीने लगभग 60 लाख रुपये किराया आता था। लेकिन आरोपी इस आय को पीठ को न देकर स्वयं हड़प रहा था।

फर्जी एफडी और बैंक खातों का खुलासा

जांच के दौरान आरोपी पर फर्जी दस्तावेज तैयार करने और वित्तीय गड़बड़ी के गंभीर आरोप सामने आए हैं।

  • पीठम से पीएचडी गारंटी राशि के नाम पर 1 करोड़ रुपये की एफडी की मांग।

  • 18 बैंक खाते और 28 फिक्स्ड डिपॉजिट की पहचान।

  • इन खातों से अब तक करीब 18 करोड़ रुपये मिलने की पुष्टि।

  • ज्यादातर रकम नवनिर्मित ट्रस्ट के नाम पर जमा की गई थी।

दिल्ली पुलिस ने इन सभी खातों और एफडी को फिलहाल सीज कर दिया है।

आगे की जांच में खुलेंगे और राज

दक्षिण-पश्चिमी जिले के डीसीपी अमित गोयल ने बताया कि मामला जिला जांच यूनिट (DIU) को सौंपा गया है। पुलिस का मानना है कि आरोपी के पास से और भी बड़े वित्तीय घोटाले और महिला शोषण से जुड़े तथ्य सामने आ सकते हैं।

आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब पीठ की संपत्ति हड़पने की साज़िश, यौन शोषण और आर्थिक अपराध से जुड़े कई चौंकाने वाले राज खुलने की संभावना है।

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