
भारतीय टीम के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली का ऑस्ट्रेलिया दौरे पर खराब प्रदर्शन जारी है। तीन मैचों की वनडे सीरीज के पहले दो मुकाबलों में वह खाता खोलने में नाकाम रहे हैं। पर्थ के बाद एडिलेड में भी कोहली बिना रन बनाए आउट हुए। यह पहली बार है जब कोहली अपने वनडे करियर में लगातार दो मैचों में शून्य पर आउट हुए हैं, जो उनके करियर के लिए एक अप्रत्याशित मोड़ माना जा रहा है।
223 दिनों बाद हुई वापसी लेकिन प्रदर्शन फीका
विराट कोहली ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इस सीरीज से 223 दिनों बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी की थी। इससे पहले वह भारत के लिए आखिरी बार चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के फाइनल में खेले थे। लंबे ब्रेक के बाद फैंस को उम्मीद थी कि वह धमाकेदार वापसी करेंगे, लेकिन अब तक दोनों मैचों में उनका बल्ला खामोश रहा है।
पर्थ वनडे में कोहली पहली ही गेंद पर आउट हुए थे और एडिलेड में भी वही कहानी दोहराई गई। कोहली को जेवियर बार्टलेट ने एलबीडब्ल्यू आउट किया, जिससे भारत को शुरुआती झटका लगा।
एडिलेड में टूटी परंपरा, बल्ला नहीं बोला
एडिलेड हमेशा से विराट कोहली का पसंदीदा मैदान रहा है। यहां उन्होंने कई यादगार पारियां खेली हैं और इस मैदान पर वह 975 अंतरराष्ट्रीय रन बना चुके हैं। उनके पास इस मैच में 1000 रन पूरे करने का सुनहरा मौका था, लेकिन बार्टलेट की गेंद पर आउट होकर वह यह उपलब्धि हासिल नहीं कर सके।
मैच से पहले नेट्स पर जमकर अभ्यास करने के बावजूद कोहली अपनी लय नहीं पा सके। फैंस को उम्मीद है कि वह तीसरे वनडे में वापसी कर अपनी पुरानी चमक वापस लाएंगे।
भारत की शुरुआत फिर कमजोर
ऑस्ट्रेलिया के कप्तान मिचेल मार्श ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया, जो पूरी तरह सही साबित हुआ। भारतीय टीम ने पहले पावरप्ले में ही दो विकेट गंवा दिए। जेवियर बार्टलेट ने अपने दूसरे ओवर में शुभमन गिल और विराट कोहली दोनों को आउट कर भारत को गहरा झटका दिया।
भारतीय टीम ने इस मैच के लिए प्लेइंग-11 में कोई बदलाव नहीं किया था, लेकिन शीर्ष क्रम के जल्दी टूटने से मध्यक्रम पर दबाव बढ़ गया।
रोहित-कोहली की साझेदारी का शतक, पर नहीं चल पाया जादू
इस मैच में रोहित शर्मा और विराट कोहली ने वनडे में 100वीं बार साथ बल्लेबाजी की। यह जोड़ी भारतीय क्रिकेट इतिहास की सबसे सफल साझेदारियों में से एक है, जिसने अब तक 5315 रन, 18 शतकीय और 17 अर्धशतकीय साझेदारियां की हैं। लेकिन एडिलेड में यह जोड़ी टिक नहीं पाई, और कोहली के आउट होते ही साझेदारी टूट गई।
2027 विश्व कप की तैयारी में झटका
विराट कोहली ने हाल ही में 2027 वनडे विश्व कप तक खेलने का लक्ष्य रखा था, लेकिन मौजूदा फॉर्म उनकी योजना के लिए चिंता का कारण बन गया है। टीम प्रबंधन और चयनकर्ताओं की नजर अब इस बात पर होगी कि अनुभवी बल्लेबाज अगले मैचों में कैसी प्रतिक्रिया देते हैं।
भारतीय फैंस की उम्मीदें अब तीसरे वनडे पर टिकी हैं, जहां कोहली अपनी पहचान के अनुरूप प्रदर्शन कर टीम को मजबूती देने की कोशिश करेंगे।










