
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में महागठबंधन (Grand Alliance) की तैयारियों को लेकर अब सस्पेंस खत्म होने जा रहा है। सीट बंटवारे और ‘फ्रेंडली फाइट’ जैसे विवादित मुद्दों पर स्थिति साफ करने के लिए आज (23 अक्तूबर) को महागठबंधन की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई गई है। इस प्रेस वार्ता में कांग्रेस, राजद, वामपंथी दलों और वीआईपी के शीर्ष नेता मौजूद रहेंगे। माना जा रहा है कि इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीट बंटवारे की अंतिम रूपरेखा और प्रचार रणनीति की आधिकारिक घोषणा की जाएगी।
गहलोत-लालू-तेजस्वी की बैठक में बनी सहमति
बुधवार को राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने पटना में राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव से मुलाकात की। बैठक करीब डेढ़ घंटे चली, जिसमें सीट बंटवारे, प्रचार अभियान और उम्मीदवारों के बीच आपसी तालमेल पर चर्चा हुई।
गहलोत ने बैठक के बाद कहा, “हमारी बातचीत सकारात्मक रही है। महागठबंधन एकजुट होकर चुनाव लड़ेगा। बिहार में 5 से 10 सीटों पर आपसी सहमति से फ्रेंडली फाइट हो सकती है। कल होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस में सारी बातें स्पष्ट हो जाएंगी।”
कृष्ण अल्लावरू बोले—‘महागठबंधन एकजुट है, मुद्दा है जनता का हित’
कांग्रेस के बिहार प्रभारी कृष्ण अल्लावरू ने भी लालू-तेजस्वी से मुलाकात के बाद कहा कि बिहार चुनाव को लेकर रणनीतिक चर्चा हुई है। उन्होंने कहा, “हमारा फोकस बिहार की जनता के मुद्दों पर है। एनडीए को बताना चाहिए कि उन्होंने पांच वर्षों में क्या किया, जबकि हम बताएंगे कि हम आने वाले पांच साल में क्या करेंगे। आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सभी सवालों के जवाब दिए जाएंगे।”
महागठबंधन में सीटों पर ‘फ्रेंडली फाइट’ की स्थिति
बिहार की 243 विधानसभा सीटों में से महागठबंधन के घटक दलों ने अब तक 254 उम्मीदवार घोषित किए हैं। इसमें राजद ने 143, कांग्रेस ने 60, भाकपा-माले ने 20, वीआईपी ने 15, सीपीआई ने 9, सीपीएम ने 4 और आईआईपी ने 3 उम्मीदवार उतारे हैं।
इस वजह से 12 सीटों पर ‘फ्रेंडली फाइट’ की स्थिति बन गई है। हालांकि, कुछ सीटों पर नामांकन वापस लिए जाने से तनाव कुछ कम हुआ है। उदाहरण के तौर पर लालगंज सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी आदित्य राजा ने राजद की उम्मीदवार शिवानी शुक्ला के खिलाफ नामांकन वापस ले लिया। वहीं गौड़ाबौराम सीट पर वीआईपी उम्मीदवार के मैदान में आने के बाद राजद ने अपने प्रत्याशी को वापस बुला लिया।
10 सीटों पर कांग्रेस के सामने महागठबंधन के साथी
कांग्रेस को अपने 60 उम्मीदवारों में से 10 सीटों पर सहयोगी दलों की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। इनमें वारसिलीगंज, नरकटियागंज, कहलगांव, सुल्तानगंज, वैशाली, सिकंदरा, बछवाड़ा, बिहारशरीफ, करगहर और राजापाकड़ जैसी सीटें शामिल हैं। इनमें से छह सीटों पर तो राजद के उम्मीदवार सीधे कांग्रेस के खिलाफ हैं, जबकि बाकी सीटों पर वामदलों या वीआईपी के प्रत्याशी मुकाबले में हैं।
आज साफ होगी तस्वीर
राजनीतिक पर्यवेक्षकों के अनुसार, आज होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस में न केवल सीट बंटवारे का आधिकारिक ऐलान किया जाएगा, बल्कि महागठबंधन के कॉमन मिनिमम प्रोग्राम, प्रचार रणनीति और स्टार प्रचारकों की सूची पर भी चर्चा हो सकती है।
कांग्रेस और राजद दोनों के लिए यह प्रेस वार्ता महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि लंबे समय से सीटों को लेकर चल रहा गतिरोध अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है।










