मदरसे में रहकर इमाम चला रहा था नकली नोटों का धंधा, पुलिस ने किया भंडाफोड़ — प्रिंटिंग मशीन और हजारों नकली नोट बरामद

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खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के पेठिया गांव में पुलिस ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। गांव के एक मदरसे में रह रहे इमाम को नकली नोट छापने और चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपी के कमरे से बड़ी मात्रा में नकली नोट, प्रिंटिंग मशीन, स्कैनर, कलर इंक और विशेष कागज़ जब्त किए हैं।

गुप्त सूचना पर की गई छापेमारी

पंधाना थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि पेठिया गांव स्थित एक मदरसे में संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं। रात के समय वहां से मशीनों की आवाजें आने और कुछ बाहरी लोगों के लगातार आने-जाने की सूचना मिली थी। इसी आधार पर थाना प्रभारी की अगुवाई में टीम गठित कर सोमवार तड़के छापा मारा गया।

पुलिस जब मदरसे के पीछे बने कमरे में पहुंची, तो अंदर नकली नोटों के बंडल, प्रिंटर और स्कैनर फैले पड़े थे। मौके पर मौजूद इमाम से पूछताछ की गई तो वह पहले तो बहाने बनाता रहा, लेकिन जब पुलिस को सबूत मिले, तो उसने कबूल कर लिया कि वह पिछले छह महीनों से नकली नोट तैयार कर रहा था।

1.80 लाख के नकली नोट बरामद

पुलिस ने आरोपी के पास से करीब 1 लाख 80 हजार रुपये मूल्य के नकली नोट बरामद किए हैं। इनमें 500 रुपये के नोट शामिल हैं। शुरुआती जांच में पाया गया कि आरोपी इन नोटों को स्थानीय बाजार और ग्रामीण क्षेत्रों में असली नोटों के बदले सस्ते दाम पर चलाने की कोशिश करता था।

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने कुछ युवकों को नोटों की डिलीवरी में शामिल किया था। वह उन्हें कमीशन के रूप में 10-20 प्रतिशत तक देता था।

मदरसे के छात्रों को भी देने लगा था लालच

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी ने मदरसे में पढ़ने वाले दो छात्रों को भी बहला-फुसलाकर अपने साथ जोड़ने की कोशिश की थी। उसने कहा था कि इससे उन्हें “पैसे कमाने” का आसान तरीका मिलेगा। हालांकि, छात्रों ने इसकी सूचना मदरसे के एक शिक्षक को दी, जिन्होंने तुरंत पुलिस को जानकारी दी।

मदरसा प्रबंधन ने जताई नाराजगी

मदरसे के प्रबंधक मौलाना रहीमुद्दीन ने कहा, “हमारे लिए यह बहुत शर्मनाक बात है। हमें जरा भी जानकारी नहीं थी कि इमाम ऐसी हरकतों में शामिल है। पुलिस जांच में पूरा सहयोग किया जा रहा है।”

पुलिस कर रही गहन जांच

थाना प्रभारी राजेश चौहान ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 489ए, 489बी, 489सी और 420 के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि आरोपी के मोबाइल, बैंक अकाउंट और संपर्कों की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह किसी बड़े गिरोह से जुड़ा था या नहीं।

फॉरेंसिक टीम ने बरामद नकली नोटों और मशीनों को जांच के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जांच से यह संकेत मिला है कि नोटों की प्रिंटिंग में उन्नत ग्राफिक सॉफ्टवेयर का उपयोग किया गया था, जिससे ये असली नोटों की तरह दिखते थे।

गांव में मचा हड़कंप

घटना के बाद पेठिया गांव और आसपास के इलाकों में सनसनी फैल गई है। ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें कभी शक नहीं हुआ कि मदरसे के भीतर इस तरह का अपराध चल रहा है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में चल रहे सभी धार्मिक और शैक्षणिक संस्थानों की समय-समय पर जांच की जाए ताकि इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।

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