
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए पीएफआई के सदस्य अशफाक और नदीम नागरिकता संशोधन कानून पर देश में हो रही हिंसा के खिलाफ प्रदर्शन में कई राजनीतिक पार्टियां जो इसके विरोध में खड़ी हुई वह तो सामने आ रही हैं मगर इनके पीछे कुछ आतंकवादी संगठनों का भी हाथ होना जांच में खुलकर सामने आ रहा है इन राजनीतिक पार्टियां जो कि नागरिकता कानून के विरोध में प्रदर्शन कर रही थी लेकिन विरोध के बीच में जो प्रदर्शन के दौरान हुए दंगे और बवाल हुए उसके बाद जो गिरफ्तारियां हुई उनमें गिरफ्तार लोगों से यह पता चलता है कि यह केवल एक कानून का विरोध ही नहीं बल्कि देश को बड़ी क्षति पहुंचाने की साजिश थी हालांकि सरकार की सतर्कता के साथ किए गए प्रयास सफल रहे और इससे असामाजिक तत्वों की तारे मंसूबों पर पानी फिर गया जिससे सारा देश किसी बड़े बवाल से बाहर निकल आया है उत्तर प्रदेश में इन दिनों काफी बुरे दौर से गुजर रहा है
जिसके कारण कई स्थानों पर नागरिकता कानून का विरोध के बीच कुछ बुरे मंसूबे भी पूरे किए जा रहे हैं एक तरफ कांग्रेसी सहित कई पार्टियां दिल्ली में राजघाट पर धरना देती हैं वहीं दूसरी ओर पार्टी के प्रदर्शन में लोग नागरिकता कानून का विरोध करते हुए सरकारी तथा जनता की संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हैं आपका तांडव करते हैं इनके बीच सिमी और पीएफआई के लोग कैसे और कहां से पहुंच जाते हैं इनको कौन फंडिंग कर रहा है और इनका साथ कौन दे रहा है सारे देश से खट्टा इन्हें कौन कर रहा है अभी इसका खुलासा होना भी बाकी है यह पत्थरबाजी कश्मीर की तर्ज पर पुलिस पर कराई जाती है और कानून के विरोध की आड़ में हिंसा और आगजनी की जाती है यह कोई आम विरोध नहीं बल्कि देश के खिलाफ बड़ी साजिश हो सकती है जिसका खुलासा भी होना बाकी है जिसके बीच अभी और भी कई राज खुलते जा रहे हैं तथा जो लोग गिरफ्तार हो रहे हैं उनमें प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन के सदस्य भी गिरफ्तार किए जा रहे हैं इसमें कुछ इस्लामिक कट्टरपंथी के नाम भी सामने आ रहे हैं और इनको कुछ राजनीतिक दल भी जो राजनीति की लालच में किसी भी हद तक गिर सकते हैं उनके सम्मिलित होने का भी हाथ मिलता है अब यह जांच का विषय बना हुआ है जल्दी ही इसका खुलासा भी हो सकता हैइनकी तरफ तारी से यह भी लगता है दक्षिण भारत से बीएफ तथा फ्रंट ऑफ इंडिया और इसी तरह के आतंकवादी संगठन की सक्रियता होने से यही सकता है कि देश को कोई बहुत बड़ा नुकसान पहुंचाने की योजना बनाई गई थी लेकिन पुलिस की सजगता और जागरूकता नहीं इनके सारे अरमानों पर पानी फेर दिया गया है इन्होंने पूरे ही देश में आगजनी और बड़ी दुर्घटनाओं को अंजाम देने की योजना बनाई थी इनमें वसीम और नदीम तथा अल्फा यह तीनों पीएफआई के सदस्य हैं और इन्होंने हिंसा फैलाने और लूटपाट तथा सरकारी संपत्ति के नुकसान करने की योजना मिलाई थी पुलिस ने गिरफ्तार कर इनसे आगे भी और कई राज उजागर होने की उम्मीद जताई है इसके अलावा इनके पास से कई सारा विस्फोटक सामान बरामद हुआ है तथा इनके पास से कुछ ऐसी वीडियो क्लिप भी मिली है जिससे इन्होंने लोगों को भड़काने का काम किया है तथा सरकार को बदनाम करने की प्लानिंग थी जिसमेंयूपी के उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने ऑन रिकार्ड यह भी कहा है कि हिंसा में पीएफआई और स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया का भी हाथ है जिसका अभी पुलिस में और भी कई खुलासे करने का भी जिक्र किया है










