
भोपाल। अमेजन जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनी में नौकरी दिलाने का झांसा देकर भोपाल के एक युवक ने 80 से ज्यादा युवाओं से लाखों रुपये की ठगी की। आरोपी नबील सिद्दीकी को सायबर क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया है। नबील अमेजन की पुणे शाखा में पूर्व में टेलीकॉलिंग का कार्य कर चुका था, जिसका फायदा उठाकर वह खुद को रिक्रूटमेंट अधिकारी बताकर लोगों को झांसे में लेता था। पुलिस के अनुसार, आरोपी हर आवेदक से कथित इंटरव्यू के लिए 10,000 रुपये वसूलता था। अब तक करीब 80 लोगों से कुल 80 लाख रुपये की ठगी करने की बात सामने आई है। आरोपी न केवल खुद इंटरव्यू लेता था बल्कि फर्जी नियुक्ति पत्र भी तैयार करता था, जिस पर अमेजन का लोगो और डिज़ाइन होता था। इतना ही नहीं, वह अमेजन के नाम से मिलती-जुलती फर्जी ईमेल आईडी बनाकर उन्हीं से नियुक्ति पत्र भेजता था, ताकि किसी को शक न हो।
ऐसे हुआ मामले का खुलासा
इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब सलमान खान नाम के एक युवक ने थाना निशातपुरा में शिकायत दर्ज करवाई। सलमान ने बताया कि आरोपी ने उससे और उसके परिचितों से अमेजन में नौकरी लगवाने के नाम पर कुल 5 लाख रुपये वसूले थे, लेकिन बाद में कोई नियुक्ति नहीं हुई। जब सलमान ने पैसे वापस मांगे तो आरोपी ने टालमटोल करना शुरू कर दिया। सलमान की शिकायत के बाद अन्य पीड़ित भी सामने आने लगे। पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी ने अब तक कुल 80 लोगों को इसी तरह ठगा है। तीन फरियादियों से ही कुल 8 लाख रुपये की धोखाधड़ी की पुष्टि हो चुकी है।
फर्जी नियुक्ति प्रक्रिया का जाल
जांच में सामने आया कि आरोपी पहले अमेजन में कार्यरत रह चुका था और कंपनी की आंतरिक प्रक्रिया से परिचित था। उसने खुद को अमेजन के पुणे ऑफिस में रिक्रूटर बताकर भरोसा दिलाया। वह कहता था कि “आपको बैच में नियुक्त किया जाएगा, पूरी टीम के साथ जॉइनिंग होगी।” फिर वह आवेदकों से अन्य उम्मीदवारों को लाने के लिए कहता, जिससे उसका नेटवर्क और फैलता गया। आरोपी सभी से इंटरव्यू के नाम पर 10 हजार रुपये अपने बैंक खाते में जमा करवाता और उसके बाद ईमेल के जरिए नकली नियुक्ति पत्र भेजता। जब पीड़ित जॉइनिंग की तारीख पूछते, तो वह कभी बैच में देरी, कभी कंपनी की आंतरिक प्रक्रिया में बदलाव या अन्य कोई बहाना बनाकर बात टालता रहता।
एक साल से चल रहा था फरार
आरोपी नबील सिद्दीकी पिछले एक वर्ष से फरार था और लगातार स्थान बदल रहा था। सायबर सेल की टीम ने तकनीकी सर्विलांस और बैंक खातों की ट्रैकिंग के जरिए उसे धर दबोचा। उसके पास से लैपटॉप, मोबाइल और फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार करने से जुड़ी सामग्री बरामद की गई है।
सायबर क्राइम का बढ़ता स्वरूप
इस घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि बड़ी कंपनियों के नाम पर ऑनलाइन और ऑफलाइन ठगी का जाल तेजी से फैल रहा है। फर्जी जॉब ऑफर और नियुक्ति पत्र के जरिए युवाओं को निशाना बनाया जा रहा है। पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति से नौकरी के नाम पर लेनदेन न करें और नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी सीधे कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन से प्राप्त करें।










