
नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म प्रकरण को लेकर रविवार को भी अयोध्या में सरगर्मी बनी रही। इस प्रकरण में एक नया तथ्य यह प्रकाश में आया है कि आरोपितों ने धमकी देने से पहले पैसे लेकर सुलह का दबाव बनाया था। आरोपित की बेकरी पर शनिवार को बुलडोजर चलाए जाने के बाद उसकी अन्य संपत्तियों को भी चिह्नित किया जा रहा है। श्मशान भूमि पर भी उसका अवैध कब्जा पाया गया है। रविवार को भदरसा चौकी के एक अन्य सिपाही रोहित यादव को भी लाइनहाजिर कर दिया गया। इस बीच भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा भेजे गए प्रतिनिधिमंडल ने पीड़िता और उसकी मां से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि योगी सरकार पीड़िता को न्याय दिलाएगी। भाजपा का तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल रविवार दोपहर करीब एक बजे पीड़िता के गांव पहुंचा। इसमें नरेंद्र कश्यप के साथ राज्यसभा सदस्य बाबूराम निषाद व एमएलसी संगीता बलवंत शामिल थीं। उन्होंने पीड़िता की मां से भेंट की, उन्हें ढांढ़स बंधाया और आर्थिक सहायता भी प्रदान की। इसके बाद उस अस्पताल में पहुंचे, जहां पीड़ित किशोरी भर्ती थी। उससे मुलाकात की और उपचार आदि की जानकारी ली। वहां से सर्किट हाऊस आकर कश्यप ने पत्रकारों से कहा कि पीड़ित परिवार सरकार की कार्रवाई से संतुष्ट है। हमने डीएम व एसएसपी से भी पूरी रिपोर्ट ली है। रिपोर्ट शीर्ष नेतृत्व को सौंपेंगे। कश्यप ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा डीएनए व नार्को टेस्ट की मांग किए जाने को गलत ठहराया। कहा कि मुख्य आरोपित मोईद खान सपा सांसद अवधेश प्रसाद का करीबी है। सपा ने अब तक उसे पार्टी से निकाला भी नहीं है। इससे स्पष्ट है कि पार्टी उसका बचाव कर रही है।
