
||छतरपुर|| मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले स्थित प्रसिद्ध बागेश्वर धाम में मंगलवार सुबह एक बार फिर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। धाम परिसर के पास स्थित एक धर्मशाला की दीवार अचानक ढह गई, जिसकी चपेट में आने से उत्तर प्रदेश की एक महिला श्रद्धालु की मौत हो गई, जबकि 11 अन्य लोग घायल हो गए। इससे पहले, 3 जुलाई को भी धाम में टेंट गिरने की घटना में एक बुजुर्ग श्रद्धालु की मृत्यु हो गई थी।
मंगलवार तड़के हुई इस घटना में धर्मशाला में ठहरे श्रद्धालु नींद में थे, तभी अचानक एक दीवार भरभराकर गिर गई। हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया गया। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। मृत महिला की पहचान उत्तर प्रदेश निवासी के रूप में हुई है। प्रशासन ने मृतक के परिजनों को हर संभव सहायता और नियमानुसार मुआवजा देने की बात कही है।
परिजनों ने बताई हादसे की भयावह तस्वीर
घटना के वक्त मौजूद घायलों के परिजनों ने बताया कि वे सभी रात को धर्मशाला में सो रहे थे। सुबह के वक्त अचानक दीवार गिरने से पूरा परिसर दहल उठा। कुछ ही सेकंड में लोग मलबे में दब गए। चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोग और श्रद्धालु मदद के लिए दौड़े और प्रशासन को सूचना दी गई। अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में निर्माण कार्य में लापरवाही के संकेत मिले हैं, जिसकी गहन जांच की जा रही है।
3 जुलाई को भी हुआ था बड़ा हादसा
मंगलवार की घटना से पहले 3 जुलाई को भी बागेश्वर धाम परिसर में एक बड़ा हादसा हुआ था। सुबह करीब 7 बजे आरती के बाद बारिश से बचने के लिए लगाए गए टेंट के नीचे श्रद्धालु खड़े थे। इसी दौरान पानी भरने से टेंट भरभराकर गिर पड़ा। लोहे के एंगल से टकराने के कारण उत्तर प्रदेश निवासी श्यामलाल कौशल (50) की मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना में 8 अन्य श्रद्धालु घायल हो गए थे। मृतक के दामाद राजेश कुमार कौशल ने बताया कि वे गोंडा जिले के मनकापुर गांव के रहने वाले हैं और परिवार सहित दर्शन के लिए आए थे। घटना के समय वे सभी मंच के पास टेंट में खड़े थे। तेज बारिश और पानी भरने की वजह से टेंट गिर गया और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। बताया गया कि लगभग 20 श्रद्धालु टेंट के नीचे दब गए थे, जिन्हें स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से निकाला गया।
धीरेंद्र शास्त्री ने श्रद्धालुओं से की अपील
दो बड़ी घटनाओं के बाद बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि गुरु पूर्णिमा जैसे अवसरों पर भारी भीड़ से बचा जाए और श्रद्धालु अपने-अपने घरों से ही दर्शन करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि टेंट गिरने की घटना उनके मुख्य दरबार स्थल पर नहीं, बल्कि पुराने स्थान पर हुई थी, जहां बारिश से बचने के लिए अस्थायी टेंट लगाया गया था। उन्होंने अफवाह फैलाने वालों से सावधानी बरतने की भी अपील की।
प्रशासन की भूमिका पर उठ रहे सवाल
लगातार दो हादसों ने धाम में सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पर्याप्त व्यवस्था न होने की बात सामने आ रही है। सुरक्षा मानकों की अनदेखी, कमजोर निर्माण सामग्री और बारिश के मौसम को नजरअंदाज करना इन घटनाओं के मुख्य कारण बताए जा रहे हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन इन घटनाओं से सबक लेकर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करता है या नहीं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस और स्थायी उपायों की आवश्यकता है।










