
भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी अब सिर्फ प्रशासनिक या शैक्षणिक हब नहीं, बल्कि एक उभरता हुआ औद्योगिक केंद्र भी बनने जा रही है। सरकार की नई औद्योगिक नीति के तहत भोपाल के अचारपुरा क्षेत्र को एक अत्याधुनिक टेक्सटाइल और फार्मा हब के रूप में विकसित किया जाएगा। इस परियोजना के तहत कुल 31.21 हेक्टेयर भूमि पर नया औद्योगिक क्षेत्र बसाया जाएगा।
इस बहुप्रतीक्षित परियोजना का भूमि-पूजन 18 जुलाई को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री कुल 406 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित होने वाली 5 प्रमुख औद्योगिक इकाइयों का विधिवत शुभारंभ करेंगे।
राजधानी में नई औद्योगिक सोच
राज्य सरकार का उद्देश्य केवल निवेश आकर्षित करना ही नहीं, बल्कि स्थानीय स्तर पर व्यापक रोजगार सृजन और सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा देना भी है। अचारपुरा को धार के पीथमपुर और रायसेन के मंडीदीप की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। सरकार का अनुमान है कि आने वाले समय में यहां 800 करोड़ रुपये तक का निवेश संभावित है, जिससे 1000 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार उत्पन्न होंगे।
मुख्यमंत्री का औद्योगिक दौरा
भूमि-पूजन कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा गोकलदास एक्सपोर्ट्स की गारमेंट यूनिट के दौरे से होगी, जहां फिलहाल 2500 से अधिक महिलाएं कार्यरत हैं। मुख्यमंत्री इस दौरान कर्मचारियों से संवाद करेंगे और वहां चल रही उत्पादन प्रक्रिया का अवलोकन करेंगे।
जिन कंपनियों को आवंटित होंगे भूखंड
इस कार्यक्रम में महालक्ष्मी दाल उद्योग, जियो फिल्टेक, प्रवाह एंटरप्राइजेज, योगी इंडस्ट्रीज, अजमेरा इंडस्ट्रीज, सामवी एंटरप्राइजेज और बैग क्रिएशन इंडिया को औद्योगिक भूखंडों के आवंटन पत्र भी सौंपे जाएंगे। ये इकाइयां मिलकर 17.5 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करेंगी और 186 से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराएंगी।।इन सभी कंपनियों को मिलाकर 12.88 हेक्टेयर भूमि का आवंटन किया गया है। इनके संचालन से कुल 1500 से अधिक रोजगार के अवसर तैयार होंगे, जो क्षेत्रीय युवाओं के लिए एक नई उम्मीद साबित हो सकते हैं।
कार्यक्रम में उद्योग विभाग के प्रमुख सचिव राघवेंद्र कुमार सिंह द्वारा निवेशकों को प्लग एंड प्ले मॉडल, त्वरित अनुमोदन प्रक्रिया, सिंगल विंडो सिस्टम और लॉजिस्टिक हब्स जैसी प्रमुख सुविधाओं की जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही उद्योगपतियों से प्रत्यक्ष संवाद कर उनके अनुभव व सुझाव भी लिए जाएंगे, ताकि आने वाले दिनों में नीतियों को और अधिक व्यावहारिक बनाया जा सके।
भोपाल का नया औद्योगिक भविष्य
भोपाल का अचारपुरा आने वाले समय में राज्य के सबसे महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्रों में गिना जाएगा। सरकार की यह पहल न केवल राजधानी में औद्योगिक आधारभूत संरचना को मजबूत करेगी, बल्कि महिलाओं को रोजगार, स्थानीय उत्पादों का वैश्वीकरण और नवाचार की संस्कृति को भी बढ़ावा देगी।










