मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संबल योजना के तहत श्रमिक परिवारों को दी 505 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता

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भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के गरीब और श्रमिक वर्ग के कल्याण के लिए संबल योजना की महत्वाकांक्षी पहल के तहत 505 करोड़ रुपये की राशि 23,162 श्रमिक परिवारों के खातों में सिंगल क्लिक से अंतरित की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने वर्चुअल संवाद के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी पांच हितग्राही महिलाओं से संवाद किया और उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान कहा, “रोटी, कपड़ा और मकान जैसी मूलभूत आवश्यकताओं के अलावा, ऐसी कई जरूरतें होती हैं जिनके लिए धनराशि की आवश्यकता होती है। प्रसूति, बीमारी, दिव्यांगता और किसी अपने को खो देने जैसी मुश्किलों के समय में संबल योजना उन सभी जरूरतमंदों के लिए सहारा बनी है।”

संबल योजना: गरीब और श्रमिक वर्ग के लिए संजीवनी

डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अंत्योदय की भावना को प्रदेश में पूरी तरह से लागू करने के लिए दृढ़ संकल्पित है। उन्होंने यह भी बताया कि अब तक 6 लाख 58 हजार से अधिक परिवारों को 5,927 करोड़ रुपये से अधिक के हितलाभ मिल चुके हैं, और राज्य सरकार द्वारा योजना के बैकलॉग को भी समाप्त किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर यह घोषणा की कि गिग और प्लेटफार्म वर्कर्स को अब असंगठित श्रमिक मानते हुए 1 मार्च 2024 से उन्हें भी संबल योजना में शामिल किया जाएगा। इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर, सभी संबल हितग्राहियों को आयुष्मान भारत निरामयम योजना में भी शामिल किया गया है।

महिलाओं को आर्थिक सहायता और रोजगार के अवसर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्चुअली संवाद करते हुए मंदसौर की श्रीमती अंजली रैकवार, शहडोल की श्रीमती मन्नू ढीमर, दतिया की श्रीमती कल्लन वाल्मीक, सीहोर की श्रीमती शिव कुमारी और खरगोन की श्रीमती प्रेमलता कर्मा से बातचीत की। इन महिलाओं ने बताया कि संबल योजना के तहत मिली सहायता ने उनके परिवारों की स्थिति सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

  • अंजली रैकवार ने बताया कि योजना से मिली सहायता से अब वह ब्यूटी पार्लर का कार्य सीख रही हैं।

  • मन्नू ढीमर ने कहा कि वह अपनी छोटी किराना दुकान संचालित कर रही हैं।

  • कल्लन वाल्मीक, शिव कुमारी, और प्रेमलता कर्मा ने भी कहा कि संबल योजना से मिलने वाली आर्थिक सहायता ने उनके बच्चों की पढ़ाई और परिवार के लालन-पालन में मदद की है।

मुख्यमंत्री का संकल्‍प: बेहतर भविष्य के लिए ठोस कदम

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश के सभी परिवार आनंद और समृद्धि के साथ जीवन व्यतीत करें। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने लाड़ली बहना योजना, आयुष्मान योजना, खाद्यान्न पर्ची, और उज्जवला योजना जैसी अन्य कल्याणकारी योजनाओं से भी नागरिकों को जोड़ने का आह्वान किया।

डॉ. यादव ने कहा, “हम शुचिता, पारदर्शिता और दक्षता के साथ जनकल्याण और विकास के लिए निरंतर काम कर रहे हैं। संबल योजना के तहत हर जरूरतमंद को सहायता देना हमारी सरकार का मुख्य उद्देश्य है।”

संबल योजना का भविष्य और प्रदेश का विकास

मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि संबल योजना का उद्देश्य सिर्फ आर्थिक मदद देना नहीं, बल्कि श्रमिकों और गरीबों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। श्रमिक वर्ग की मेहनत और संघर्ष से ही प्रदेश का विकास संभव है, और राज्य सरकार इस दिशा में निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की संबल योजना न केवल गरीब और श्रमिक परिवारों को मदद प्रदान कर रही है, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों के लिए एक नई उम्मीद और भविष्य की दिशा भी बना रही है। यह योजना प्रदेश में विकास, समृद्धि और सामाजिक न्याय की नींव को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

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