पेपरलेस पंचायत चुनाव में तकनीकी नवाचार की मिसाल बना दमोह का हटा जनपद — 60.17% मतदान, 26 जुलाई को होगी मतगणना

0
166
WAY NEWS
WAY NEWS

दमोह। मध्यप्रदेश के पंचायत चुनावों में तकनीकी नवाचार का ऐतिहासिक अध्याय मंगलवार को दमोह जिले के हटा जनपद पंचायत क्षेत्र के गैसाबाद में रचा गया। यहां जनपद सदस्य क्रमांक 16 के उपचुनाव को पूरी तरह पेपरलेस तरीके से संपन्न कराया गया। यह राज्य में पहला मौका था जब पंचायत राज व्यवस्था के तहत किसी भी स्तर का चुनाव बिना कागजी दस्तावेजों के, पूरी तरह डिजिटल माध्यम से किया गया। कुल मतदान प्रतिशत 60.17 रहा, जो इस नवाचार के प्रति जनता के विश्वास को दर्शाता है। अब इस चुनाव की मतगणना आगामी 26 जुलाई को की जाएगी।

पेपरलेस चुनाव: एक नई क्रांति की शुरुआत

इस चुनाव में न तो मतदान अधिकारी कागज के प्रपत्रों का इस्तेमाल करते दिखे और न ही मतदाता परंपरागत हस्ताक्षर रजिस्टर में दस्तखत करते नजर आए। इसके स्थान पर पूरी प्रक्रिया डिजिटल सॉफ्टवेयर और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के माध्यम से संपन्न हुई। चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह ऑफलाइन सॉफ्टवेयर के माध्यम से संचालित किया गया, जिससे नेटवर्क या इंटरनेट बाधा की कोई संभावना न रहे।

चुनाव में इस्तेमाल हुआ इलेक्ट्रॉनिक पैड मतदाताओं के लिए एक नई तकनीक थी। इसमें मतदाता को अपनी पहचान दर्ज कराने के लिए ई-पेन से हस्ताक्षर करना पड़ा, जो पहले रजिस्टर पर स्याही या अंगूठे से होता था। यह सुविधा बुजुर्गों और अशिक्षितों के लिए भी सहज सिद्ध हुई।

पारदर्शिता के लिए लगाया गया टीवी मॉनिटर

मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की पहचान सत्यापित करने के लिए एक बड़ी टीवी स्क्रीन लगाई गई थी। जैसे ही किसी मतदाता का सीरियल नंबर सॉफ्टवेयर में दर्ज किया गया, स्क्रीन पर उसका नाम, फोटो और मतदाता क्रमांक दिखने लगा, जिससे वेरिफिकेशन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सटीक हो गई।

मतदान ईवीएम से, प्रक्रिया रही तेज और व्यवस्थित

इस चुनाव में वोटिंग EVM (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) से कराई गई। मतदान सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक कुल 9 मतदान केंद्रों पर शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम के कारण मतदान की प्रक्रिया न केवल तेज रही, बल्कि समय और संसाधनों की भी काफी बचत हुई।

मतदान केंद्रों पर प्रतिशतवार सहभागिता

गैसाबाद क्षेत्र के विभिन्न मतदान केंद्रों पर मतदान प्रतिशत इस प्रकार रहा:

  • गरेह के मतदान केंद्र 105 पर – 54.02%

  • बांसन (106) – 52.07%

  • गैसाबाद माध्यमिक शाला (101) – 66.67%

  • गैसाबाद कन्या शाला (102) – 54.45%

  • हायर सेकेंडरी स्कूल पूर्वी भाग (103) – 63.17%

  • हायर सेकेंडरी स्कूल पश्चिमी भाग (104) – 61.17%

  • बलेह प्राथमिक शाला (136) – 70.68% (सर्वाधिक)

  • बलेह माध्यमिक शाला (137) – 59.82%

  • अदनवारा (138) – 62.2%

कुल मिलाकर 60.17% मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

पांच प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला 26 जुलाई को

इस उपचुनाव में जनपद सदस्य पद के लिए पांच उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनके भाग्य का फैसला 26 जुलाई को होने वाली मतगणना में होगा। ईवीएम मशीनों में सुरक्षित बंद इन मतों की गिनती के बाद हटा जनपद को उसका नया जनपद सदस्य मिलेगा।

प्रशासन रहा पूरी तरह सतर्क

चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए दमोह कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर और एसडीएम राकेश मरकाम ने विभिन्न मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने तकनीकी नवाचार की सराहना करते हुए इसे भविष्य के चुनावों के लिए मॉडल प्रक्रिया बताया।

 पंचायत चुनावों का डिजिटल भविष्य

दमोह जिले का यह प्रयोग न केवल सफल रहा, बल्कि यह संकेत भी दे गया कि आने वाले समय में पंचायत, नगरीय निकायों और अन्य निर्वाचन प्रक्रियाओं में पेपरलेस चुनाव प्रणाली एक आदर्श बन सकती है। इससे न सिर्फ कागजों की खपत कम होगी, बल्कि चुनाव प्रक्रिया और अधिक तेज, पारदर्शी और पर्यावरण अनुकूल हो सकेगी।

Publishers Advertisement