
अवैध रेत खनन का मामला एक बार फिर तूल पकड़ता नजर आ रहा है। हाल ही में एक डंपर को पुलिस ने अवैध रूप से रेत ले जाते हुए पकड़ा। इस डंपर के चालक ने पूछताछ के दौरान एक सनसनीखेज खुलासा किया, जिसने सभी को चौंका दिया है। ड्राइवर ने अपने बयान में बताया कि वह यह रेत कृषि मंत्री के बेटे बंकू के निर्देश पर ले जा रहा था डंपर पकड़े जाने की घटना एक रूटीन चेकिंग के दौरान सामने आई, जब पुलिस ने एक संदिग्ध डंपर को रोका। जब डंपर के दस्तावेजों की जांच की गई, तो पाया गया कि उसमें ले जाई जा रही रेत का कोई वैध परमिट नहीं था। इसके बाद पुलिस ने ड्राइवर को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान ड्राइवर ने खुलासा किया कि यह अवैध रेत बंकू के आदेश पर एक विशेष स्थान पर पहुंचाई जा रही थी। बंकू, जो कि कृषि मंत्री के बेटे हैं, का नाम पहले भी कई विवादों में आया है, लेकिन इस बार अवैध रेत खनन के मामले में उनका नाम सामने आना एक गंभीर मुद्दा बन गया है। यह पहली बार नहीं है जब बंकू का नाम इस तरह के किसी गैरकानूनी काम में जुड़ा हो, लेकिन इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग में हड़कंप मचा दिया है। पुलिस अब इस मामले की गहन जांच कर रही है और बंकू से पूछताछ किए जाने की संभावना बढ़ गई है। इस मामले के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने कृषि मंत्री और उनके बेटे पर तीखे हमले शुरू कर दिए हैं। विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार से जवाब मांगते हुए कहा है कि अगर बंकू दोषी पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। कई नेताओं ने कहा कि अवैध खनन से जुड़े लोगों को संरक्षण देना बेहद गंभीर अपराध है और इसमें संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाना चाहिए, चाहे वह कितने भी ऊंचे पद पर क्यों न हो। स्थानीय जनता भी इस घटना से नाराज है। कई सामाजिक संगठनों और पर्यावरणविदों ने अवैध रेत खनन के खिलाफ आवाज उठाई है। उनका कहना है कि यह न केवल पर्यावरण के लिए हानिकारक है, बल्कि स्थानीय नदियों और जलस्रोतों को भी नुकसान पहुंचाता है। अवैध खनन से नदियों की धारा बदल जाती है, जिससे बाढ़ और सूखे जैसी समस्याएं पैदा होती हैं। वहीं, इस घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारियों पर भी सवाल उठ रहे हैं। कई लोगों का मानना है कि प्रशासन की मिलीभगत के बिना इतने बड़े पैमाने पर अवैध खनन संभव नहीं हो सकता। हालांकि, प्रशासन ने कहा है कि वह इस मामले की गहराई से जांच करेगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाएगा। कृषि मंत्री की तरफ से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन यह मामला तेजी से तूल पकड़ रहा है। पुलिस की जांच जारी है और यह देखना बाकी है कि इस मामले में क्या नए तथ्य सामने आते हैं।
