
भोपाल | मध्य प्रदेश में मानसून इस वर्ष अपने पूरे चरम पर है। राज्य में अब तक सामान्य से 54 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 1 जून से 28 जुलाई तक प्रदेश में जहां सामान्यतः 418.4 मिमी वर्षा होती है, वहीं अब तक 645.2 मिमी बारिश हो चुकी है। लगातार हो रही बारिश के कारण नदी-नालों में उफान, सड़कों पर जलभराव, और ग्रामीण इलाकों में आवागमन की कठिनाइयां सामने आ रही हैं।
कम दबाव का क्षेत्र बना बारिश का कारण
मौसम विज्ञानियों के अनुसार, प्रदेश के उत्तर-पश्चिमी भाग में बना कम दबाव का क्षेत्र और मानसून द्रोणिका (ट्रफ लाइन) का मध्य प्रदेश से होकर गुजरना, लगातार बारिश की प्रमुख वजह है। इससे वर्षा की गतिविधियों में तेजी आई है और राज्य भर में बादल जमकर बरस रहे हैं।
कहां कितनी बारिश हुई?
सोमवार को सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक प्रदेश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश हुई।
- सीहोर: सर्वाधिक 33.7 मिमी बारिश
- भोपाल, रायसेन और गुना: लगभग 28 मिमी
- सागर, जबलपुर: हल्की वर्षा दर्ज
15 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने पश्चिम मध्य प्रदेश के कई जिलों में भारी से अति भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। इनमें शामिल हैं:
ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, भोपाल, रायसेन, राजगढ़, सीहोर, विदिशा, जबलपुर, नर्मदापुरम, सागर और टीकमगढ़।
इन क्षेत्रों में अगले 24 घंटों के दौरान मूसलधार बारिश की संभावना है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है। वहीं प्रदेश के अन्य जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश होती रहने की संभावना जताई गई है।
बढ़ सकता है नदियों का जलस्तर
लगातार हो रही वर्षा के चलते नर्मदा, चंबल और अन्य प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे बाढ़ जैसी स्थितियां बन सकती हैं। गांवों व कस्बों में जलभराव की खबरें भी आने लगी हैं। मौसम विभाग ने किसानों, यात्रियों और आम नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है और नदी-नालों को पार करते समय विशेष सावधानी बरतने को कहा है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे खतरनाक वीडियो
बारिश के कारण कई लोग नदी-नालों के तेज बहाव के बावजूद उन्हें पार करने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं। ऐसे वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जो लोगों की लापरवाही और जान जोखिम में डालने की प्रवृत्ति को उजागर करते हैं।
इंदौर और उज्जैन संभाग में सामान्य से कम वर्षा
हालांकि, प्रदेश के कुछ हिस्सों, खासकर इंदौर और उज्जैन संभाग, में अब तक अपेक्षाकृत कम वर्षा हुई है। इन क्षेत्रों में सामान्य से 12% से 32% कम वर्षा दर्ज की गई है, जिससे यहां अब भी अच्छी बारिश की प्रतीक्षा बनी हुई है।
राज्य सरकार और प्रशासन अलर्ट पर
राज्य सरकार ने आपदा प्रबंधन इकाइयों को सक्रिय कर दिया है। जिलों में कंट्रोल रूम स्थापित कर दिए गए हैं और बाढ़ प्रभावित इलाकों में नावों व राहत सामग्री की व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे जलभराव व बाढ़ की स्थिति पर नजर बनाए रखें और लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें।
अगले कुछ दिनों में वर्षा और तेज हो सकती है, इसलिए सभी नागरिकों से अपील की जा रही है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें और अनावश्यक यात्रा से बचें।










