मध्य प्रदेश बनेगा वेलनेस टूरिज्म हब, योग-आयुर्वेद से आकर्षित होंगे देशी-विदेशी पर्यटक

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भोपाल। मध्य प्रदेश अब केवल ऐतिहासिक धरोहरों और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए ही नहीं, बल्कि वेलनेस टूरिज्म हब के रूप में भी अपनी पहचान बनाने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आयुष और पर्यटन विभाग के बीच एक अहम करार किया है। इसके तहत आने वाले महीनों में 12 नए आयुष वेलनेस केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

उज्जैन और खजुराहो में 50-50 बिस्तरों के बड़े अस्पताल

इस योजना के तहत सबसे अहम पहल उज्जैन और खजुराहो में की जा रही है, जहां 50-50 बिस्तरों के अत्याधुनिक आयुष अस्पताल खोले जाएंगे। ये दोनों शहर धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अंतरराष्ट्रीय पहचान रखते हैं और हर साल लाखों पर्यटक यहां आते हैं। अब इन स्थलों पर पर्यटक योग, ध्यान, आयुर्वेदिक उपचार और पंचकर्म जैसी सेवाओं का भी लाभ ले सकेंगे।

10 जिलों में छोटे वेलनेस सेंटर

इसके अलावा पचमढ़ी, मंदसौर, आगर-मालवा, सागर, नर्मदापुरम, शहडोल, बालाघाट, मुरैना, झाबुआ और शुजालपुर में 10-10 बिस्तरों वाले आयुष केंद्र खोले जाएंगे। ये सेंटर खासतौर पर उन पर्यटन स्थलों पर बनाए जा रहे हैं, जहां देशी-विदेशी पर्यटक बड़ी संख्या में आते हैं।

केरल की तर्ज पर तैयार हो रहा मॉडल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इन केंद्रों का उद्देश्य न केवल स्थानीय लोगों को वैकल्पिक चिकित्सा की सुविधाएं उपलब्ध कराना है, बल्कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को आकर्षित करना भी है। उन्होंने कहा – “जैसे केरल ने आयुष और वेलनेस टूरिज्म के जरिए पूरी दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है, वैसे ही मध्य प्रदेश भी इस क्षेत्र में अग्रणी बनेगा।”

आयुष चिकित्सकों के लिए बड़ी सौगात – DACP लागू

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने आयुष चिकित्सकों के लिए DACP (डायनेमिक एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन) लागू करने की घोषणा की। इसके तहत अनुभव और सेवा वर्षों के आधार पर चिकित्सकों को समय-समय पर पदोन्नति और वेतन वृद्धि मिलेगी।
इस फैसले से कुल 2698 अधिकारियों को लाभ होगा, जिनमें 1453 आयुष चिकित्सा अधिकारी, 228 होम्योपैथी और 85 यूनानी चिकित्सक शामिल हैं। इस निर्णय से चिकित्सकों के वेतन में 50 से 65 हजार रुपये तक की बढ़ोतरी होगी।

आयुर्वेद कॉलेजों में PG पढ़ाई अनिवार्य

प्रदेश में वर्तमान में सात सरकारी आयुर्वेद कॉलेज हैं, लेकिन इनमें से केवल चार में ही स्नातकोत्तर (PG) की पढ़ाई होती है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अब सभी आयुर्वेद कॉलेजों में PG पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा। साथ ही, PG कर चुके मेडिकल अफसरों के स्टाइपेंड में भी तीन वेतनमान की वृद्धि की जाएगी।

नई पहल और सुविधाएं शुरू

आयुर्वेद दिवस समारोह में कई अन्य योजनाओं की भी शुरुआत की गई –

  • कारुण्य कार्यक्रम: कैंसर, पार्किंसंस और अल्जाइमर जैसी गंभीर बीमारियों में आयुर्वेदिक उपचार से जीवन गुणवत्ता सुधारने पर फोकस।

  • आयुष जन स्वास्थ्य कार्यक्रम: अब 55 जिलों तक विस्तारित किया गया।

  • औषधीय पौधों की खेती के लिए हेल्पलाइन 155258: किसानों को वैज्ञानिक तकनीक, औषधीय पौधों के चयन और सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के लिए टोल-फ्री नंबर की शुरुआत। यह सेवा सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक उपलब्ध रहेगी।

स्वास्थ्य और पर्यटन का संगम

सरकार का मानना है कि इन प्रयासों से न केवल लोगों को प्राकृतिक और वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों का लाभ मिलेगा, बल्कि पर्यटन को भी नया आयाम मिलेगा। योग, ध्यान और पंचकर्म जैसी सेवाओं के चलते विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ होगा।

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