
उज्जैन। इंगोरिया थाना क्षेत्र के गांव बलेड़ी में 16 मई की रात हुई महिला की हत्या के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि महिला की हत्या उसके पति ने ही की थी, जो बीते कुछ समय से उससे अलग रह रहा था। आरोपी ने पत्नी के चरित्र पर शक के चलते पहले उसे थप्पड़ मारा और फिर गला दबाकर जान ले ली।पुलिस ने आरोपी पति काशीराम को गांव रूपाहेड़ा से गिरफ्तार कर लिया है। वह हत्या के बाद से फरार था और लगातार अपनी पहचान छिपाकर भाग रहा था। पुलिस ने 18 मई को उसे दबोचकर पूछताछ की, जिसमें उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
घटना की रात अकेली थी सपना, बच्चे थे मामा के घर
पुलिस के अनुसार, मृतका सपना की शादी काशीराम से हुई थी और दोनों के दो बच्चे भी हैं। लेकिन दंपती के रिश्तों में तनाव था और दोनों लंबे समय से अलग रह रहे थे। घटना की रात सपना अपने घर में अकेली थी। उसके दोनों बच्चे ग्राम मोलाना स्थित मामा के घर गए हुए थे। 16 मई की रात लगभग 9:30 बजे आरोपी पति चुपचाप गांव पहुंचा और सपना के घर गया। दोनों के बीच तीखी बहस हुई, जिसके बाद गुस्से में आकर काशीराम ने सपना को पहले थप्पड़ मारे और फिर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद वह वहां से फरार हो गया।
17 मई की सुबह मिली लाश, पुलिस को दी गई सूचना
अगली सुबह सपना के ससुर कनीराम ने देखा कि बहू घर से बाहर नहीं निकली। जब वह देखने पहुंचे, तो सपना घर के अंदर मृत अवस्था में पड़ी थी। उन्होंने तुरंत इंगोरिया थाना पहुंचकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।
एफएसएल रिपोर्ट से पुष्टि, मुखबिर से मिला सुराग
सहायक उपनिरीक्षक दिनेश निनामा को मामले की जांच सौंपी गई। इस दौरान एफएसएल रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि महिला की गला दबाकर हत्या की गई है। इसी बीच एक मुखबिर से सूचना मिली कि सपना का पति काशीराम घटना की रात गांव में देखा गया था। इस इनपुट के आधार पर पुलिस ने गांव रूपाहेड़ा में दबिश दी और 18 मई को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। सख्ती से पूछताछ में उसने हत्या की बात कबूल कर ली।
सशक्त टीम व त्वरित कार्रवाई से आरोपी पकड़ा गया
एसडीओपी महेंद्र सिंह परमार ने बताया कि पुलिस टीम ने बेहद तत्परता के साथ काम किया। शुरुआत में मामला रहस्यमयी लग रहा था, लेकिन एफएसएल और मुखबिर की सूचना ने जांच की दिशा स्पष्ट कर दी। आरोपी को पकड़ने में थाना प्रभारी, तकनीकी टीम और अन्य पुलिसकर्मियों का अहम योगदान रहा। आरोपी को 19 मई को बड़नगर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब चार्जशीट की प्रक्रिया में जुटी है।










