
हिंदुत्व के एजेंडे पर चलने वाली पार्टी शिवसेना ने पाकिस्तानी हिंदुओं के लिए सुरक्षा दिए जाने वाला विधेयक ही बहिष्कार किया अपने आप को हिंदुत्व का रक्षक बताने वाली पार्टी शिवसेना ने जब राज्यसभा में पाकिस्तानी हिंदुओं के हित को बचाने वाला नागरिकता संशोधन बिल पास कराया जा रहा था तब शिवसेना ने सदन से बाहर निकल कर इस बिल का विरोध जताया हालांकि महाराष्ट्र में बीजेपी के साथ हुए मतभेद के कारण हो सकता है कि यह काम कांग्रेस के दबाव में करना पड़ा हो यहां बता दें कि महाराष्ट्र में शिवसेना ने कुछ दिन पहले बीजेपी से अलग होकर कांग्रेस के साथ सरकार बना ली थी जिसके कारण बीजेपी और कांग्रेस में महाराष्ट्र में कुछ मतभेद हो गए थे मगर महाराष्ट्र में हुए मतभेदों के कारण शिवसेना को हिंदुत्व के मुद्दे से भी समझौता करता होगा यह शायद किसी ने नहीं समझा था महाराष्ट्र में हुए चुनाव के बाद सरकार बनाने को लेकर बीजेपी और शिवसेना में गठबंधन समाप्त हो गया था इसी का फायदा उठाते हुए कांग्रेस ने अपना समर्थन देते हुए महाराष्ट्र में बीजेपी की सरकार बनवाई थी उसी एहसान के बदले कांग्रेश के इशारों पर बीजेपी के विरुद्ध शिवसेना से कार्य कराया जा रहा है कांग्रेस के द्वारा जबकि कांग्रेस और शिवसेना की सरकार महाराष्ट्र में गठबंधन पर चल रही है यही कारण है कि शिवसेना को जिस हिंदुत्व के मुखोटे को लेकर शिवसेना सरकार में आई है शायद आज उसी की बलि इस प्रकार देनी होगी यह बात सब से नाम ने भी नहीं सोची होगी
