सेमीकॉन इंडिया 2025: भारत बनेगा सेमीकंडक्टर हब, पीएम मोदी ने किया सबसे बड़े टेक शो का शुभारंभ

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नई दिल्ली। भारत को सेमीकंडक्टर महाशक्ति बनाने की दिशा में आज एक और ऐतिहासिक कदम उठाया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को नई दिल्ली के यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर में सेमीकॉन इंडिया 2025 का उद्घाटन किया। यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स शो है, जिसमें 48 से अधिक देशों के करीब 2500 प्रतिनिधि और 350 से ज्यादा अग्रणी कंपनियां हिस्सा ले रही हैं।

तीन दिवसीय यह सम्मेलन (2 से 4 सितंबर) भारत में मजबूत, लचीले और टिकाऊ सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को विकसित करने पर केंद्रित होगा। प्रधानमंत्री मोदी 3 सितंबर को होने वाले सीईओ राउंडटेबल में भी शामिल होंगे, जिसमें दुनिया की शीर्ष तकनीकी कंपनियों के दिग्गज नेताओं से भारत की सेमीकंडक्टर रणनीति पर विचार-विमर्श होगा।

भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा: विजन से हकीकत तक

साल 2021 में शुरू हुए इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) के बाद से भारत ने सिर्फ चार वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति की है।
सरकार ने इस सेक्टर को प्रोत्साहित करने के लिए 76,000 करोड़ रुपये की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना और डिज़ाइन लिंक्ड इंसेंटिव (DLI) स्कीम लागू की, जिसके नतीजे अब जमीन पर दिखने लगे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि “आज भारत केवल एक बड़ा उपभोक्ता बाज़ार नहीं है, बल्कि नवाचार, रिसर्च और निर्माण का वैश्विक केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।”

सम्मेलन के मुख्य आकर्षण

  • सेमीकंडक्टर फैब और एडवांस पैकेजिंग पर विशेष फोकस

  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग और R&D पर सत्र

  • 150 से अधिक वक्ताओं और 50 वैश्विक नेताओं की मौजूदगी

  • 350 प्रदर्शकों द्वारा अत्याधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन

  • 6 देशों की राउंडटेबल चर्चाएं, स्टार्टअप्स और वर्कफोर्स डेवलपमेंट पर पवेलियन

    वैश्विक सहभागिता और निवेश की संभावनाएं

    इस आयोजन को लेकर उद्योग जगत में उत्साह साफ दिखाई दे रहा है। कई वैश्विक कंपनियां भारत में निवेश बढ़ाने पर विचार कर रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारत एशिया ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में चिप निर्माण और डिजाइनिंग का प्रमुख केंद्र बन सकता है।

    सेमीकंडक्टर को आधुनिक तकनीक का हृदय कहा जाता है, जो स्वास्थ्य, संचार, रक्षा, अंतरिक्ष और परिवहन जैसे अहम क्षेत्रों के लिए बेहद जरूरी है। जैसे-जैसे दुनिया डिजिटलीकरण और ऑटोमेशन की ओर बढ़ रही है, भारत की यह पहल रणनीतिक स्वतंत्रता और आर्थिक सुरक्षा की गारंटी साबित हो सकती है।

    सेमीकॉन इंडिया 2025 न सिर्फ भारत की तकनीकी ताकत का प्रदर्शन है, बल्कि यह संदेश भी है कि आने वाले दशक में भारत दुनिया की सेमीकंडक्टर महाशक्ति बनने के लिए पूरी तरह तैयार है।

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