
इंदौर में पदस्थ पेटीएम के फील्ड मैनेजर गौरव गुप्ता की खुदकुशी से ग्वालियर में रहने वाले परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।घटना के तीसरे दिन गौरव की पत्नी मोहिनी ने भी घर में जहर खाकर अपनी जान देने की कोशिश की है। गनीमत यह रही कि समय रहते उनकी पत्नी को अस्पताल में भर्ती करवा दिया गया, जिससे उनकी जान बच गई। यह पूरा घटनाक्रम बुधवार की बह का है। मोहिनी ने यह बात अपने सुराल में किसी को नहीं बताई और पति की खुदकुशी के बाद तीसरे दिन पत्नी ने भी खाया जहर, अस्पताल में भर्ती कराया बाथरूम में चली गई लेकिन बाथरूम में जब वह लड़खड़ा गई तो परिजनों ने उसे संभाला। उसकी बिगड़ती हुई हालत को देखकर जब ससुराल पक्ष के परिजनों ने उससे पूछताछ की, तब पता चला कि उसने जहर खा लिया है। आनन-फानन में मोहिनी को उपचार के लिए जयारोग्य अस्पताल में भर्ती करवाया गया। उपचार के बाद फिलहाल मोहिनी की हालत में सुधार बताया गया है। इस पूरे मामले में गौरव गुप्ता के ममेरे भाई नौरज गुप्ता ने एक सनसनीखेज खुलासा करते हुए पूरे घटनाक्रम को एक तया मोड़ दे दिया है। नीरज गुप्ता ने दावा किया है कि मोहिनी गुप्ता 7 दिन पहले भी जहर खाना चाहती थी। और इसी वजह से गौरव भी परेशान था। पत्नी मोहिनी का कहना था कि पति गौरव के पति गौरव नौकरी जाने के डर से परेशान थे और इसीलिए उन्होंने अपनी जान दे दी। जबकि मृतक के भाई नीरज ने दावा किया कि गौरव को नौकरी की कोई परेशानी नहीं थी। गौरव का सालाना 9 लाख का पैकेज था। इसके अलावा गौरव को अन्य कंपनियों से भी जॉब के ऑफर थे। भाई का दावा है कि उसकी गौरव से बात हुई थी उसने परेशानी से इनकार किया था।
