
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में हुई हिंसा के दौरान छात्र संगठनों में से एक छात्र संगठन का सपोर्ट करती फिल्म अभिनेत्री दीपिका पादुकोण नजर आई थी जिसमें वामपंथी दलों के संगठन के बीच दीपिका पादुकोण का खड़े हो जाना अब बहुत भारी पड़ता जा रहा है दीपिका पादुकोण की हाल ही में आई फिल्म छपाक को इस विवाद से काफी नुकसान उठाना पड़ा है हालांकि राजनीतिक पार्टियों के समर्थन और विरोध के चलते कुछ राज्यों में जो कि कांग्रेस शासित प्रदेश हैं और मैं इस फिल्म को टैक्स फ्री किए जाने के बाद भी फिल्म उतना अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकी जितना कि कर सकती थी देश में दीपिका पादुकोण के खिलाफ एक खराब माहौल बन गया है जो कि दीपिका की फिल्म के लिए नुकसानदेह हो रहा है दीपिका का वामपंथी दलों के साथ खड़े होना ही दीपिका को भारी पड़ गया है इसी क्रम में दीपिका पादुकोण जो की फिल्म के साथ कुछ विज्ञापन में भी नजर आती थी विज्ञापन कंपनियों ने भी दीपिका पादुकोण से किनारा करना शुरू कर दिया है देश के सर्वाधिक विज्ञापन में दीपिका पादुकोण नजर आती थी विज्ञापन से जुड़ी कंपनी जोकि कोको कोला और अमेजॉन इत्यादि को प्रिंट करने वाली कंपनी है जोकि IPG मीडिया ब्रांड में चीफ एग्जीक्यूटिव का काम करने वाली शशि सिन्हा ने बताया कि सामान्य तौर पर विज्ञापनों फिल्म करने वाले अभिनेता इस तरह के किसी भी विवाद में नहीं पड़ते हैं इससे दर्शकों में गलत मैसेज आता है इससे स्टारों को बचना चाहिए किसी भी तरह के बयान बाजी या कोई समर्थन या विरोध से समाज में गलत मैसेज जाता है इसका नुकसान व्यवसायिक तौर पर भी उठाना होता है देश में विज्ञापन और फिल्म सितारे सबसे ज्यादा पेमेंट पाने वाली अभिनेत्री दीपिका पादुकोण ही मानी जाती है इस समय उनका सबसे ज्यादा महंगा बताया जाता है मगर दीपिका पादुकोण के जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में छात्रों के एक किसी विशेष दल के साथ खड़े होना उनको या उनसे जुड़े व्यक्तियों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है
